
Giridih, Jharkhand: गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में दशकों की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। लाल आतंक का चेहरा माने जाने वाले और कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा के करीबी सहयोगी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को बीती रात हरलाडीह गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। झारखंड सरकार ने इस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
करमू मांझी के घर से दबोचा गया 'टाइगर'
एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि टाइगर हरलाडीह में करमू मांझी के घर में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने देर रात घर पर छापेमारी की। इसी दौरान पुलिस ने घर में छिपे बैठे टाइगर को दबोच लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने इसके साथ मौजूद 2 अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल तीनों से पुलिस की विशेष टीम गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ में संगठन की आगे की योजनाओं और छिपे हुए हथियारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पारसनाथ का जोनल कमांडर, 100 से अधिक मामले दर्ज
गिरफ्तार अजय महतो भाकपा माओवादी संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य और पारसनाथ इलाके का जोनल कमांडर रह चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके ऊपर हत्या, लूट, लेवी वसूली, पुलिस पार्टी पर हमला, IED ब्लास्ट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 100 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।
टाइगर ने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस पर घात लगाकर हमला करना, सड़क निर्माण में लगे वाहनों और मशीनों को फूंकना, तथा ठेकेदारों से रंगदारी मांगना इसकी पहचान बन गई थी।
झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी। माना जा रहा है कि टाइगर सीमावर्ती राज्यों में नक्सल गतिविधियों को कोऑर्डिनेट करता था।
देशद्रोह और UAPA के तहत चलेगा मुकदमा
गिरिडीह के उपायुक्त पहले ही अजय महतो समेत 12 नक्सलियों के खिलाफ देशद्रोह और UAPA एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य सरकार से कर चुके हैं। गृह विभाग से इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है। गिरफ्तारी के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
एसपी डॉ. बिमल कुमार ने प्रेस को बताया, "अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी से नक्सल संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। यह मिसिर बेसरा गैंग का अहम कड़ी था। इसकी गिरफ्तारी से संगठन की फंडिंग और लेवी वसूली पर भी असर पड़ेगा। पुलिस आने वाले दिनों में सघन अभियान चलाकर बचे हुए नक्सलियों को भी गिरफ्तार करेगी। हमारा लक्ष्य है कि गिरिडीह और पारसनाथ क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जाए।"
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
टाइगर की गिरफ्तारी के बाद पीरटांड़ और आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लेवी और धमकी के कारण वे विकास कार्यों में हिस्सा नहीं ले पाते थे। पुलिस की इस कार्रवाई से अब इलाके में शांति बहाल होने की उम्मीद है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी नक्सलियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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