
Forest Conservation India: विकास की कीमत जंगल ही क्यों चुकाएं?
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में खनन परियोजनाओं के लिए हजारों हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन और लाखों पेड़ों की संभावित कटाई ने विकास बनाम पर्यावरण की बहस को फिर तेज कर दिया है। सवाल यह है कि क्या आर्थिक विकास की कीमत हर बार जंगल, वन्यजीव और आदिवासी समुदाय ही चुकाएंगे, या भारत ऐसा संतुलित विकास मॉडल अपनाएगा जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति साथ-साथ चलें।










